अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्र भेजने और पार्सल बुकिंग पर लगाया प्रतिबंध

अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्र भेजने और पार्सल बुकिंग पर लगाया प्रतिबंध





जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद वहां अनिश्चितकाल के लिए पत्र भेजने पर भी रोक लगा दी गई है। सोमवार दोपहर एक बजे से डाक विभाग की ओर से पत्रों और पार्सलों की बुकिंग रोक दी गई है। यह स्थिति मंगलवार को भी जारी रही।
संसद में सोमवार को अनुच्छेद 370 खत्म करने की घोषणा के ठीक एक घंटे बाद डाक महानिदेशालय दिल्ली की ओर से सभी मुख्य डाकघरों को ई-मेल जारी कर जम्मू और कश्मीर के लिए भेेजे जाने वाले पंजीकृत पत्रों, स्पीड पोस्ट और पार्सलों की बुकिंग पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाने के आदेश मुख्य पोस्टमास्टर को दिए गए थे। आदेश मिलते ही डाकघर रुड़की से जम्मू और कश्मीर भेजे जाने वाले पत्रों की बुकिंग रोक दी गई।

मुख्य डाकघर रुड़की से जम्मू कश्मीर के लिए हर दिन करीब 10 से 15 पंजीकृत डाक और 10 से 15 तक स्पीड पोस्ट और दो से तीन पार्सल भेजे जाते हैं। मंगलवार को भी मुख्य डाकघर से जम्मू और कश्मीर के लिए भेजे जाने वाले पंजीकृत पत्र, स्पीड पोस्ट और पार्सलों की बुकिंग नहीं की गई। कई लोग डाकघर से मायूस होकर लौट आए।

कूरियर कंपनियों ने भी खड़े किए हाथ

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद कूरियर कंपनियों ने भी जम्मू और कश्मीर के लिए पत्र और पार्सल की बुकिंग बंद कर दी है। इससे रुड़की में स्थित डीटीडीसी, फर्स्ट फ्लाइट और ओवर नाइट एक्सप्रेस कूरियर कंपनी सहित अन्य कंपनियों ने भी जम्मू और कश्मीर के लिए पत्र और पार्सल की बुकिंग बंद कर दी है। सिविल लाइंस स्थित ओवर नाइट एक्सप्रेस कोरियर के प्रबंधक वीके गुप्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर में हालात को देखते हुए फिलहाल वहां के पत्र और पार्सल बुक नहीं किए जा रहे हैं। हालात सामान्य होने पर बुकिंग की जाएगी।

पठानकोट तक ही जा रही रोडवेज की बस

प्रदेश से जम्मू जाने वाली उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। हरिद्वार डिपो से हर दिन दोपहर तीन बजे जम्मू के लिए रोडवेज की बस रवाना होती है। जो 13 घंटे बाद वहां पहुंचती है, लेकिन सोमवार को इस बस को पठानकोट से आगे नहीं जाने दिया गया। हरिद्वार डिपो के एसएसआई रामकुमार ने बताया कि सोमवार से बस पठानकोट तक ही जा रही है। पठानकोट से जम्मू करीब 130 किलोमीटर दूर है।



भाई को राखी नहीं भेज पाई बहिन

जम्मू कश्मीर में व्यापार करने के लिए और फैक्ट्रियों में नौकरी करने वाले युवकों को उनकी बहनें राखी नहीं भेज पाई। मुख्य डाकघर में भाई के लिए राखियों से भरा लिफाफा पोस्ट करने के लिए आई रेखा, जम्मू और कश्मीर के लिए स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री बुकिंग पर रोक लगाने का आदेश पढ़कर सन्न रह गई। बाद में डाक विभाग के अधिकारियों से पूछने पर जम्मू कश्मीर के लिए पत्रों की बुकिंग पर अनिश्चितकाल के लिए पत्रों की रोक पुख्ता खबर के बाद वह हाथ में लिफाफा रखकर मायूस होकर घर लौट आई।

सेना की डाक पर नहीं पड़ा कोई फर्क

प्रदेश से जम्मू और कश्मीर के लिए पत्रों और पार्सलों की बुकिंग बंद करने के बाद सेना की डाक व्यवस्था किसी प्रकार से प्रभावित नहीं हुई है। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेना की अपनी डाक व्यवस्था इसलिए उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

सोमवार को डाक निदेशालय से जम्मू और कश्मीर के लिए पत्रों और पार्सलों की बुकिंग रोकने को लेकर मेल आई थी। सोमवार को ही दोपहर एक बजे से जम्मू कश्मीर के लिए पत्रों और पार्सलों की बुकिंग बंद कर दी गई थी। यह व्यवस्था अनिश्चितकाल के लिए है। सेना की डाक व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।


अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्र भेजने और पार्सल बुकिंग पर लगाया प्रतिबंध अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्र भेजने और पार्सल बुकिंग पर लगाया प्रतिबंध Reviewed by ADMIN on Wednesday, August 07, 2019 Rating: 5

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