ऑनलाइन बिजनेस में उतरा डाक विभाग, डाकिया करेगा सामान की डिलीवरी
डाकिया अब चिट्ठी पार्सल के साथ कपड़े, कॉस्मेटिक, किराणा, ग्रॉसरी, फर्नीचर हैंडीक्राफ्ट जैसे आइटम भी घर तक पहुंचाएगा
चिट्ठी और पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से हर घर में दस्तक देने वाले डाकिए सोशल मीडिया और डिजिटलाइजेशन के दौरान में गुम से हो गए हैं. लेकिन अब एक बार फिर यहीं डाकिए आमजन से जुड़े रहे, इसकी तैयारी डाक विभाग ने भी कर ली है. हालांकि डाकिए न सिर्फ पत्र पत्रिकाएं बल्कि अब घरेलू उत्पाद और अन्य जरूरी सामान लेकर ग्राहकों के घर पहुंचेंगे. भारतीय डाक विभाग ऑनलाइन रिटेलर कंपनी अमेजॉन, फ्लिप कार्ट की तर्ज पर ऑनलाइन बिजनेस में उतर आया है.
डाकिया अब चिट्ठी पार्सल के साथ कपड़े, कॉस्मेटिक, किराणा, ग्रॉसरी, फर्नीचर हैंडीक्राफ्ट जैसे आइटम भी घर तक पहुंचाएगा. ई-कॉमर्स के क्षेत्र में डाक विभाग ने प्राथमिक तौर पर 100 से अधिक आइटम डाक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड हो चुके हैं. जिन्हें कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ऑर्डर देकर मंगवा सकता है. डाक विभाग ने देशभर के सभी वेंडर्स को आमंत्रित कर अपने जरिए उत्पाद बेचने की पेशकश की है, ताकि दूर-दराज के भारतीय और क्षेत्रीय मशहूर उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके.
5 महीने पहले दिसंबर में ई-पोर्टल लाॉच किया गया था, जिसमें पहले विभाग ने स्वयं के उत्पाद बिक्री के लिए उतारे. अब विभाग ने धीरे-धीरे देशभर में फैले डेढ़ लाख डाकघरों के जरिए वेंडर्स को आमंत्रित करना शुरू कर दिया है. विभाग ने इसके लिए नया पोर्टल शुरू किया है, जिसमें डाक विभाग के उत्पादों के अलावा कपड़े, फैशन एंड ज्वैलरी, ट्राइबल क्राफ्ट, बैगस, गिफ्ट एंड नोवेल्टीज, बास्केट एंड बॉक्सेज, ऑर्गेनिक एंड नेचुरल, हैंडलूम उत्पाद, मिसलेनियस उत्पाद और फिलोटेनिक आइटम बेचने के लिए उतारे हैं
डाक विभाग के ई-पोर्टल के जरिए कोई भी वेंडर्स अपना उत्पाद बेच सकता है. इसके लिए उसे अपने शहर के मुख्य डाकघर में संपर्क करना होगा. इसके बाद डाक विभाग अपने पोर्टल पर संबंधित वेंडर का रजिस्ट्रेशन करने के साथ उसके उत्पाद का डिस्प्ले करेगा. ग्राहक के ऑर्डर देने पर वेंडर को अपना उत्पाद मुख्य डाकघर पहुंचाना होगा. वहां से डाक विभाग अपने सिस्टम के जरिए यह उत्पाद उसके घर पर पहुंचाएगा. डाक विभाग की इस योजना से लोग घर बैठे जरूरत का उत्पाद मंगा सकेगा. इस योजना से डाक विभाग को भी फायदा होगा और काम भी बढ़ जाएगा. इससे विभाग में कर्मचारियों का काम बढ़ जाएगा, लेकिन विभाग और लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी.
शहरी क्षेत्र के लोग तो ऑनलाइन खरीददारी व कोरियर का फायदा पहले से ले रहे हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इसका इतना प्रचलन नहीं रहा है. कारण यह भी माना जाता है कि कोरियर की सेवा गांवों में पहुंच नहीं पाती है. जिसके कारण लोगों को अगर ऑनलाइन खरीद भी ले तो सामान को प्राप्त करने के लिए शहर का पता देना पड़ता था. अब यह काम घर के पते पर ही हो जाएगा.
चिट्ठी और पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से हर घर में दस्तक देने वाले डाकिए सोशल मीडिया और डिजिटलाइजेशन के दौरान में गुम से हो गए हैं. लेकिन अब एक बार फिर यहीं डाकिए आमजन से जुड़े रहे, इसकी तैयारी डाक विभाग ने भी कर ली है. हालांकि डाकिए न सिर्फ पत्र पत्रिकाएं बल्कि अब घरेलू उत्पाद और अन्य जरूरी सामान लेकर ग्राहकों के घर पहुंचेंगे. भारतीय डाक विभाग ऑनलाइन रिटेलर कंपनी अमेजॉन, फ्लिप कार्ट की तर्ज पर ऑनलाइन बिजनेस में उतर आया है.
डाकिया अब चिट्ठी पार्सल के साथ कपड़े, कॉस्मेटिक, किराणा, ग्रॉसरी, फर्नीचर हैंडीक्राफ्ट जैसे आइटम भी घर तक पहुंचाएगा. ई-कॉमर्स के क्षेत्र में डाक विभाग ने प्राथमिक तौर पर 100 से अधिक आइटम डाक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड हो चुके हैं. जिन्हें कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ऑर्डर देकर मंगवा सकता है. डाक विभाग ने देशभर के सभी वेंडर्स को आमंत्रित कर अपने जरिए उत्पाद बेचने की पेशकश की है, ताकि दूर-दराज के भारतीय और क्षेत्रीय मशहूर उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके.
5 महीने पहले दिसंबर में ई-पोर्टल लाॉच किया गया था, जिसमें पहले विभाग ने स्वयं के उत्पाद बिक्री के लिए उतारे. अब विभाग ने धीरे-धीरे देशभर में फैले डेढ़ लाख डाकघरों के जरिए वेंडर्स को आमंत्रित करना शुरू कर दिया है. विभाग ने इसके लिए नया पोर्टल शुरू किया है, जिसमें डाक विभाग के उत्पादों के अलावा कपड़े, फैशन एंड ज्वैलरी, ट्राइबल क्राफ्ट, बैगस, गिफ्ट एंड नोवेल्टीज, बास्केट एंड बॉक्सेज, ऑर्गेनिक एंड नेचुरल, हैंडलूम उत्पाद, मिसलेनियस उत्पाद और फिलोटेनिक आइटम बेचने के लिए उतारे हैं
डाक विभाग के ई-पोर्टल के जरिए कोई भी वेंडर्स अपना उत्पाद बेच सकता है. इसके लिए उसे अपने शहर के मुख्य डाकघर में संपर्क करना होगा. इसके बाद डाक विभाग अपने पोर्टल पर संबंधित वेंडर का रजिस्ट्रेशन करने के साथ उसके उत्पाद का डिस्प्ले करेगा. ग्राहक के ऑर्डर देने पर वेंडर को अपना उत्पाद मुख्य डाकघर पहुंचाना होगा. वहां से डाक विभाग अपने सिस्टम के जरिए यह उत्पाद उसके घर पर पहुंचाएगा. डाक विभाग की इस योजना से लोग घर बैठे जरूरत का उत्पाद मंगा सकेगा. इस योजना से डाक विभाग को भी फायदा होगा और काम भी बढ़ जाएगा. इससे विभाग में कर्मचारियों का काम बढ़ जाएगा, लेकिन विभाग और लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी.
शहरी क्षेत्र के लोग तो ऑनलाइन खरीददारी व कोरियर का फायदा पहले से ले रहे हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इसका इतना प्रचलन नहीं रहा है. कारण यह भी माना जाता है कि कोरियर की सेवा गांवों में पहुंच नहीं पाती है. जिसके कारण लोगों को अगर ऑनलाइन खरीद भी ले तो सामान को प्राप्त करने के लिए शहर का पता देना पड़ता था. अब यह काम घर के पते पर ही हो जाएगा.
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Thursday, June 06, 2019
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