अब चलता फिरता बैंक होगा डाक विभाग डाकिया
डाक विभाग ने आधुनिकता की राह पकड़ ली है। प्रधान डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलने के साथ ही अब इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक भी खोलने जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उप डाकघर एवं शाखा डाकघर पर तैनात डाकिया एवं पोस्टमैन घर-घर जाकर खाता खोलेंगे और घर पर जाकर जमा एवं भुगतान भी करेंगे। किसी भी समय खाताधारक अपने खाते से धन की निकासी कर सकता है। इसके लिए न तो अब दूर जाना पड़ेगा, न ही बैंक में लाइन लगाने के साथ ही फार्म भरना होगा। सबकुछ ठीक रहा तो 15 अप्रैल के बाद यह सुविधा चालू हो जाएगी। फिलहाल बैंक कर्मचारी आ चुके हैं और कार्य शुरू हो चुका है।
देश में कैशलेस एवं पेपरलेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा डाकघरों में बैंक स्थापित किया जा रहा है। प्रधान डाकघर में स्थापित बैंक कंट्रोलरूम होगा। इसी के माध्यम से जनपद के उप डाकघर एवं शाखा डाकघरों के डाकियों के माध्यम से उपभोक्ताओं के खाते खोले जाएंगे। साथ ही नकद जमा एवं भुगतान भी इन्हीं डाकियों के माध्यम से होगी। वरिष्ठ शाखा प्रबंधक आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि यह बैंक पूरी तरह हाईटेक है। जो कार्य अन्य बैंकों में पांच वर्ष बाद होंगे वह सुविधा इस बैंक में अभी से ही लागू की जा रही है। इस बैंक में सभी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। बैंक में खाता खोलने के फार्म भरने की आवश्यकता नहीं है। डाकिये को नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर एवं नामनी ही बताना होगा तत्काल खाता खुल जाएगा। बैंक द्वारा न ही पासबुक दिया जाएगा और न ही एटीएम कार्ड दिया जाएगा। सिर्फ उपभोक्ताओं को यूआर कार्ड दिया जाएगा। उपभोक्ता यूआर कार्ड की मदद, मोबाइल नंबर या आधार नंबर बताने से ही धन की निकासी एवं जमा कर सकता है। बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा जरूर लगाना होगा। बिना अंगूठा लगाए न तो भुगतान होगा और न ही नकद जमा होगा। बैंक द्वारा खाताधारक को एक टोल फ्री नंबर भी दिया जाएगा, जिस पर काल करने के बाद डाकिया घर पहुंचकर नगद भुगतान कर देगा। श्री गुप्ता ने बताया कि अप्रैल माह में डाकियों को प्रशिक्षण देकर खाता खोलने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को होगी। कभी भी कर सकते हैं भुगतान
आजमगढ़ : वैसे तो बैंक का नियम तो सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक का ही होता है लेकिन डाक विभाग के बैंक खाते से डाकिया की मदद से चाहे जब धन की निकासी एवं जमा किया जा सकता है। हालांकि अगर सुबह-शाम या रात को भुगतान लेना है तो खुद डाकिया के पास जाना पड़ेगा। वैसे विभाग द्वारा कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित छोटी-छोटी दुकानों पर स्वाइप मशीन देने की तैयारी है। वहां से भी भुगतान एवं आनलाइन खरीदारी की जा सकती है। कभी कभी ऐसा होता है कि पैसे की जरूरत होती है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित एटीएम कार्ड भी धोखा दे देता है। ऐसे में अगर रात में पैसे की जरूरत पड़ेगी तो डाकिया से भुगतान किया जा सकता है। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। साइबर क्राइम व धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
देश व प्रदेश में इस समय साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ती जा रही है। साइबर अपराधियों द्वारा एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी या फिर आनलाइन खरीदारी कर ली जा रही है। लेकिन इस खाते में जब तक आप अंगूठा नहीं लगाएंगे तब तक खाते से पैसा नहीं कट सकता। खाते से धन निकासी एवं जमा करने पर ¨हदी में अलर्ट संदेश आएगा। वैसे ज्यादातर धोखाधड़ी का शिकार ग्रामीण क्षेत्र के अनपढ़ एवं कम पढ़े लिखे लोग ही होते हैं। बैंक में फार्म भरने तथा निकासी के बाद गिनने के दौरान उचक्का धोखाधड़ी करके सारा धन लेकर भाग जाता है। एटीएम मशीन में मदद के बहाने कार्ड बदलकर धोखा धड़ी हो जाती है लेकिन इसमें अगर कोई कार्ड लेकर चला भी जाए तो बिना अंगूठा लगाए धन की निकासी नहीं कर सकता। यह सुविधा साइबर क्राइम रोकने में कारगर सिद्ध होगी।
सोर्स jagran. com
अब चलता फिरता बैंक होगा डाक विभाग डाकिया
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Friday, April 06, 2018
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